नए Financial Year में हुए 8 बड़े बदलाव, आम आदमी को होगा फायदा या नुकसान; जाने

Financial-Year

1 अप्रैल यानी की आज से नया वित्‍तीय वर्ष शुरू हो गया है और इसी नए Financial Year में बहुत सी चीज़े बदल गई हैं। इन नए बदलावों का असर सीधा आम जन पर देखने को मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें जैसे गैस सलेंडर से लेकर टेक्नोलॉजी तक पर इसका प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं क्या है वो 8 बड़े बदलाव…..

Bank Account Number से लेकर IFSC कोड होगा चेंज 

कोरोनावायरस के कारण देश आर्थिक परेशानियों से झूझ रहा है। बहुत से सरकारी बैंक पहले से ही नुकसान में चल रहे हैं, ऐसे में बहुत से बैंकों को एक दूसरे के साथ मर्ज किया गया है। देश में अब केवल 12 सरकारी बैंक रह गए हैं। इस विलय के तहत Oriental Bank of Commerce और United Bank of India का विलय Punjab National Bank में, Syndicate Bank का Canara Bank में, Andhra Bank और Corporation Bank का Union Bank of India और Allahabad Bank का Indian Bank  में विलय हो चुका है। बैंकों के मर्ज होने के बाद सबसे ज्यादा असर ग्राहकों पर पड़ने वाला है। इस स्तिथि में  सभी मर्ज हुए बैंक के खाताधारकों का account number और IFSC कोड को बदलने का फैसला किया गया है। अब सभी खाताधारकों को नए अकाउंट नंबर दिए जाएंगें। 

नई आयकर प्रणाली

सरकार ने वैकल्पिक दरों और स्लैब के साथ 2020-21 के बजट में एक नई आयकर प्रणाली भी पेश की है। यह नई प्रणाली 1 अप्रैल से लागू की जा रही है। इस नई कर प्रणाली में, व्यक्ति को किसी भी छूट और कटौती का लाभ नहीं मिल सकेगा मिल सकेगा।  लेकिन आपको बता दे कि यह एक वैकल्पिक प्रणाली है जिसके तहत आप चाहे तो कर का भुगतान पुराने टैक्स स्लैब के अनुसार भी कर सकते हैं। जिन लोगों की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है उन्हें किसी भी तरह का टेक्स नहीं देना होगा। यदि आपकी वार्षिक आय 5 से 7.5 लाख रुपये है तो आपको 10% टेक्स और 7.5 से 10 लाख की आय पर 15% टेक्स देना होगा। इतना ही नहीं यदि आपकी आय 10 लाख से 12.5 लाख की के बीच है तो आपको  20%, 12.5 लाख रुपये की आय पर 25% 15 लाख और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% की दर टैक्स देना पड़ेगा।

Bank of Inida के ब्याज दरों में हुई कटौती

यदि आपका खाता Bank of Inida में है तो यह आपके लिए एक अच्छी खबर हो सकती है। रिजर्व बैंक के नए नियम के अनुसार ब्याज दरों में कटौती करके अपने ग्राहकों को फायदा देने का प्रयास किया है। Bank of Inida ने रविवार को ही External Benchmark Prime Lending Rate में 75 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.75 फीसदी की कटौती की है। 

रिटायरमेंट के 15 साल बाद मिलेगी पूरी पेंशन

ईपीएस पेंशनर्स के लिए इस साल की यह सबसे अच्छी अच्‍छी खबर हो सकती है। 1 अप्रैल से EPS पेंशनर्स वाले व्यक्ति को अधिक पेंशन मिलने के आसार है। सरकार ने इन लोगों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है जिसमें रिटायर हुए लोगों को 15 साल बाद पूरी पेंशन दी जाएगी। आपको बता दें 2009 में इस नियम को वापस ले लिया गया था । सरकार की इस पहल से ईपीएफओ पेंशनर्स को काफी फायदा होने वाला है। यह नया नियम उन लोगों पर लागू होगा जो 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर हुए हैं और जिन्होंने पेंशन की आंशिक निकासी का विकल्‍प चुना है।

मोबाइल की कीमतों में वृद्धि

एक तरह जहाँ करो और पेंशन की खबर ने लोगो को खुश किया। वहीं टेक्नोलॉजी में आपको थोड़ी सी निराशा हाथ लग सकती है। इस नए वित्तीय वर्ष में मोबाइल कीमतों में वृद्धि हुई है। साल की शुरुआत में नई जीएसटी दरें लागू की गई है यानी की 1 अप्रैल से मोबाइल पर 18 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाएगा जो पहले केवल 12 फीसदी हुआ करता था। 

विदेशी टूर पैकेज पर देना होगा 5 फीसदी TCS

नए वित्तीय वर्ष में विदेशी टूर पैकेज खरीदना और फंड खर्च बढ़  सकता है। जी हाँ , यदि आप किसी काम से कोई विदेशी टूर पैकेज खरीद रहे हैं या विदेशी करेंसी एक्सचेंज करवाना चाहते हैं तो आपको 7 लाख रुपये से अधिक की राशि पर TCS देना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने आम बजट में कई बदलाव किए हैं जिसमें 2020 में सेक्शन 206C में भी संशोधन किया गया है। इस नए संशोधन के अनुसार आपको विदेशी टूर पैकेज और फंड पर 5 फीसदी TCS देना अनिवार्य है। 

गैस कीमतों में भारी गिरावट

इस नए वित्तीय वर्ष में नेचुरल गैस की कीमतों में बदलाव किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि घरेलु गैस कीमतों में 25 से 30 फीसदी तक की कटौती की जा सकती है। सरकार हर साल छह महीने में नेचुरल गैस की कीमतें तय करती है। अप्रैल और अक्टूबर में समीक्षा के बाद ही अगली बार के लिए कीमतें निर्धारित की जाती हैं। कीमतों के निर्धारित होने के बाद ही घरेलु गैस जैसे PNG और CNG की कीमतों पर असर पड़ता है। 

Dividend Distribution Tax में हो सकता है बड़ा बदलाव

सबसे आखिर में बाद कर लेते हैं Dividend Distribution Tax (DDT) के नियम की जिसमें इस साल की शुरुआत में ही बड़े में बदलाव किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि 1 अप्रैल के बाद किसी भी भारतीय कंपनियों के दिए गए डिविडेंड पर DDT नहीं लगाया जाएगा। 

कुल मिलाकर यह वित्तीय वर्ष आम जान के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है और आम जन की जेब पर इससे काफी लाभ पहुंचने की संभावना है।

Images Source By Google..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *