Joint Military Exercise Shakti

मेघालय में दिखी भारत-फ्रांस की ‘शक्ति’, इसे देख दुश्मन को लग जाएगी मिर्ची!

Joint Military Exercise Shakti: मेघालय के उमरोई में सोमवार को भारत-फ्रांस की जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज शुरू हुई। एक्सरसाइज शक्ति का यह 7वां एडिशन है। यह अभ्यास 26 मई तक चलेगा। ओपनिंग सेरेमनी में फ्रांस के भारत में राजदूत थिएरी माथू और भारतीय सेना के 51 सब एरिया के GOC मेजर जनरल प्रसन्ना सुधाकर जोशी शामिल रहे। यह अभ्यास हर दो साल में एक बार होता है। एक बार भारत में और एक बार फ्रांस में।

पिछली बार यह एक्सरसाइज नवंबर 2021 में फ्रांस में हुई थी। भारत की तरफ से 90 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। ज्यादातर राजपूत रेजिमेंट के हैं। नौसेना और वायुसेना के ऑब्जर्बर भी इसमें शामिल हैं। फ्रांस की तरफ से भी 90 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। अगर आतंकी किसी इलाके को कब्जे में ले लेते हैं तो कैसे जॉइंट कमांड पोस्ट बनाई जाएगी, कैसे इंटेलिजेंस और सर्विलांस सेंटर बनेगा, कैसे हेलिपैड को सेक्योर किया जाएगा, इस पर फोकस किया जाएगा।

दोनों देशों की सैन्य क्षमता को मिलेगी नई ताकत

एक्सरसाइज शक्ति का उद्देश्य विविध क्षेत्र में अभियान के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त सैन्य अभ्यास का लक्ष्य दोनों मित्र देशों के बीच रक्षा सहयोग और उनके द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 13-26 मई तक आयोजित होने वाला शक्ति अभ्यास दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाएगा। संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों के सशस्त्र बलों के कर्मियों के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इस अभ्‍यास से दोनों देशों के बीच न केवल रक्षा सहयोग का स्तर बढ़ेगा बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा।

दोनों देशों के 90-90 सैनिक ले रहे हिस्सा

भारत की 90 सैनिकों वाली टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से राजपूत रेजिमेंट की एक बटालियन के अलावा अन्य टुकड़ियों और सेवाओं के कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के पर्यवेक्षक भी इस अभ्यास का एक हिस्सा बनेंगे। बयान में कहा गया, ‘90 कर्मियों वाली फ्रांसीसी टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से 13वीं फॉरन लेजियन हाफ-ब्रिगेड (13वीं डीबीएलई) के कर्मियों द्वारा किया जाएगा।’

संयुक्त अभ्यास में अर्द्ध-शहरी और पर्वतीय इलाकों में अभियान पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। संयुक्त प्रशिक्षण से अर्जित किए जाने वाले उद्देश्यों में उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, सामरिक स्तर पर अभियान के लिए अभ्यास और परिष्कृत अभ्यास तथा सर्वोत्तम तौर तरीकों को साझा करना भी शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *