महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना, कुछ इलाकों में रेड अलर्ट जारी

Mumbai

Mumbai, पहले से ही Coronavirus के मामलों से जूझ रहा है। उसके बाद मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसे एक और खतरे के लिए तैयार रहना होगा। ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले 3 से 4 जून में यहां भारी बारिश होने की संभावना है। चक्रवात निरसागा के 24 घंटे में तट से टकराने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि अरब सागर के ऊपर विकसित होने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र और 12 घंटों के भीतर एक गहरा अवसाद बन जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार ने बड़े उपनगरों में भी सतर्कता बरतने की कोशिश की है। महाराष्ट्र के बड़े शहरों जैसे ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिले को Red alert पर रखा गया है, ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां फ्लैश बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।

India Meteorological Department द्वारा बताया जा रहा है कि आने वाली 3 जून को मुंबई और दक्षिण गुजरात के तटों को प्रभावित करने वाला ‘Severe cyclone’ उत्तर महाराष्ट्र को पार कर जाएगा। वर्तमान में, चक्रवात मुंबई का लगभग 700 किमी है और जब यह 3 जून की शाम को तट पार करेगा तो यह 105 से 110 किमी प्रति घंटे की गति होने की उम्मीद है। जिसका सिद्ध असर मुंबई पर देखने को मिलेगा।”

Union Home Minister Amit Shah ने इस मुद्दे से सबंधित एक वीडियो कांफ्रेंस रखी, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात चीत की। इस मीटिंग में उन्होंने स्थिति से निपटने से सम्बंधित तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दस यूनिट को काम कर लगा दिया गया है। सभी Red Alert इलाकों में यूनिट तैनात की गई हैं, जबकि अलग से 6 यूनिट को स्टैंड-बाय पर रखा गया है।

Maharashtra

भारी बारिश की दी चेतावनी

Assam और Odisha के बाद अब Gujarat  और Maharashtra के कई बड़े शहरों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तूफ़ान में मकानों, झोपड़ियों, बिजली और संचार लाइनों और तटीय फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं इस विषय पर जानकारी देते हुए weather department के अधिकारी महेश पलावत ने कहा कि मुंबई में इस बार मॉनसून समय पर पहुंचेगा। लेकिन इस से पहले भी अच्छी बारिश होने की संभावना है। 

पिछले साल देरी से पहुंचा था मॉनसून

पिछले साल की नात करें तो मुंबई में मानसून को पहुंचने में 15 दिन ज्यादा लगे थे। जानकारी के अनुसार 10 जून को मानसून पहुंचने की संभावना थी लेकिन यह 25 जून को पहुंचा। मानूसन के देरी से पहुंचने के कारण ऐसी अटकले लगाईं गई थी कि इस बार मुंबई में बारिश काम हुई, जबकि ऐसा नहीं हुआ।

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