Corona के तीन टाइप में से किसने America में मचाया कोहराम; नई रिसर्च में यह बात आई सामने

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Corona महामारी से हर कोई वाकिफ है। इस महामारी ने पूरी दुनिया को घेर लिया है। हर दिन मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसके संक्रमण के प्रभाव में आने वाले रोगियों के आंकड़े कम होने के बजाय बढ़ रहे हैं। हालाँकि, इस वायरस का प्रभाव अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरह से देखा जा सकता है। इसका कारण अब सामने आया है। इस वायरस पर लगातार शोध हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन से एक विशेष बात सामने आई है।

कोरोना वायरस के हैं तीन टाइप

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि दुनिया में तीन प्रकार के कोरोना वायरस हैं। इसमें टाइप ए, टाइप बी और टाइप सी श्रेणियां हैं।

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अमेरिका में माउंट सिनाई अस्पताल के जीनोम पर आधारित शोध में यह बात सामने आई है। इसमें बताया गया है कि अमेरिका के न्यूयॉर्क में जिस प्रकार का कोरोना वायरस पैदा हुआ है, वह यूरोप से आया है। इसके अलावा, पश्चिम चीन से coronavirus की एक नस्ल भी अमेरिका की स्थिति के लिए जिम्मेदार है।

टाइप ए कोरोना वायरस

डेली मेल में एक खबर छपी और इस खबर के अनुसार, विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया है कि वायरस पहले चमगादड़ से पैंगोलिन जैसे जानवर में फैल गया। इस जानवर द्वारा coronavirus मीट मार्केट के माध्यम से, चीन के वुहान शहर में पहुंचा और इंसानों को संक्रमित कर अपना फैलाव बढ़ाया।

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वायरस की इस नस्ल को coronavirus टाइप ए  नाम दिया गया। शोध के अनुसार यह चीन में बहुत दिन तक रहा और लगातार अपना असर दिखाता रहा।

साल 2019 के अंत में हुई शुरुआत

शोधकर्ताओं के अनुसार, coronavirus यहां से जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका तक फैल गया। यह सब क्रिसमस के आसपास ही शुरू हुआ। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस वायरस का बदला हुआ रूप टाइप बी है, जिसकी वजह से चीन में हजारों लोगों की मौत हुई। टाइप बी कोरोनावीरस चीन से यूरोप, दक्षिण अमेरिका और कनाडा में भी फैला है। 

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जबकि सिंगापुर, इटली और हांगकांग में टाइप सी coronavirus ने हजारों लोगों की जान ले ली है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि अमेरिका में अधिकांश मरीज टाइप ए कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, जो चीन से दूसरे देशों में फैलते रहे और फिर अंत में अमेरिका में कहर का कारण बने।

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